“गर्मी के मौसम में हीट स्ट्रोक और बर्ड फ्लू से बचाव और उपचार- डॉ रजनीश जैन”

19-07-24
Dr Rajneesh Jain
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HIT STROK 3

वर्तमान स्वास्थ्य संकटों में से एक महत्वपूर्ण विषय है “हीट स्ट्रोक”

या लू लगना, जो गर्मी के मौसम में अक्सर होता है। इसके अलावा,

बर्ड फ्लू और इसके प्रभाव भी चर्चा का विषय हैं।

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परिचय: हीट स्ट्रोक तब होता है जब शरीर का तापमान अत्यधिक बढ़ जाता है और

शरीर उसे नियंत्रित नहीं कर पाता। यह आमतौर पर गर्मी के मौसम में होता है।

लक्षण:

  • उच्च शरीर का तापमान
  • सिरदर्द
  • चक्कर आना
  • उल्टी या मतली
  • तेज़ दिल की धड़कन
  • बेहोशी

होम्योपैथी उपचार: हीट स्ट्रोक के आपातकालीन उपचार में होम्योपैथी दवाएं जैसे कि

बेलाडोना, ग्लोनोइन, और नैट्रम म्यूर का प्रयोग किया जा सकता है। ये दवाएं शरीर

के तापमान को नियंत्रित करने और लक्षणों को कम करने में मदद करती हैं।1

घरेलू उपाय:

  • पर्याप्त पानी पीएं।
  • छायादार स्थानों में रहें।
  • हल्के और ढीले कपड़े पहनें।
  • ठंडे पानी से स्नान करें।
  • नमक-चीनी का घोल पीएं।1

निष्कर्ष: हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए सावधानी और उपयुक्त उपचार आवश्यक हैं।

गर्मी के दिनों में उचित देखभाल और जागरूकता से हीट स्ट्रोक के खतरे को कम

किया जा सकता है।

                                बर्ड फ्लू

बर्ड फ्लू

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

परिचय: बर्ड फ्लू, जिसे एवियन इन्फ्लूएंजा भी कहा जाता है, एक प्रकार का वायरल

इन्फेक्शन है जो मुख्य रूप से पक्षियों में होता है और दुर्लभ मामलों में मनुष्यों में भी

फैल सकता है।1

लक्षण:

  • तेज बुखार
  • खांसी और गले में खराश
  • मांसपेशियों में दर्द
  • सांस लेने में कठिनाई

कारण और जोखिम कारक: बर्ड फ्लू वायरस ‘एच5एन1’ और ‘एच7एन9’ के

नाम से जाने जाते हैं। यह संक्रमण मुख्य रूप से संक्रमित पक्षियों या दूषित

वातावरण से सीधे संपर्क में आने पर फैलता है।1

उपचार: बर्ड फ्लू के उपचार में आराम करना, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना,

स्वस्थ आहार का सेवन करना और एंटीवायरल दवाएं लेना शामिल है।

बचाव के उपाय:

  • संक्रमित पक्षियों से दूर रहें।
  • साफ-सफाई का ध्यान रखें।
  • पक्षियों के मल-मूत्र से संपर्क से बचें।
  • खाने से पहले हाथ धोएं।

होमियोपैथी उपचार:

 

  • इन्फ्लुएंजिनम: यह दवा फ्लू के लक्षणों के लिए प्रयोग की जाती है।
  • ऑसिलोकोक्सिनम: यह दवा फ्लू के प्रारंभिक चरण में लक्षणों को

                                      कम करने के लिए प्रयोग की जाती है।

  • बायोकॉम्बिनेशन नंबर 6: यह दवा श्वसन संक्रमण और फ्लू जैसे

                                      लक्षणों के लिए प्रयोग की जाती है।

निष्कर्ष: बर्ड फ्लू एक गंभीर संक्रमण है जिससे बचाव और समय पर उपचार

जरूरी है। सावधानी और उचित जानकारी से इसके प्रसार को रोका जा सकता है।

अधिक जानकारी के लिए, यहाँ पर जाएं। और डॉ रजनीश जैन से संपर्क भी कर

सकते हे ।

 

https://shreerkhomoeopathyhospital.in/?

 

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