अर्टिकेरिया: कारण, प्रकार, और होम्योपैथिक उपचार-Dr.Rajneesh Jain

14-11-24
Dr Rajneesh Jain
165
03

03WhatsApp Image 2024-11-14 at 1

पोस्ट का शीर्षक: अर्टिकेरिया: कारण, प्रकार, और होम्योपैथिक उपचार-Dr.Rajneesh Jain

विवरण: अर्टिकेरिया, जिसे छपाकी या पित्ती भी कहा जाता है, एक त्वचा की स्थिति है जिसमें त्वचा पर खुजली, लालिमा, और सूजन वाले उभार होते हैं। यह आमतौर पर एलर्जी प्रतिक्रिया के कारण होता है और विभिन्न प्रकार की एलर्जी, संक्रमण, और अन्य कारकों के कारण हो सकता है।

अर्टिकेरिया कैसे होता है: अर्टिकेरिया का मुख्य कारण हिस्टामिन नामक रसायन का त्वचा में उत्सर्जन होता है, जिससे रक्त वाहिकाएं विस्तारित हो जाती हैं और तरल पदार्थ त्वचा की ऊपरी परत में प्रवेश कर जाता है। यह प्रक्रिया विभिन्न कारणों से हो सकती है, जैसे:

  • एलर्जी (Allergies): भोजन, दवाइयाँ, कीट काटने, आदि।

  • संक्रमण (Infections): वायरस, बैक्टीरिया, या फंगस।

  • शारीरिक और मानसिक तनाव (Stress): मानसिक या शारीरिक तनाव।

  • वातावरणीय कारक (Environmental Factors): गर्मी, ठंड, दबाव, धूप।

अर्टिकेरिया के प्रकार:

  1. तीव्र अर्टिकेरिया (Acute Urticaria): यह कम से कम छह हफ्तों से कम समय तक रहता है और इसका कारण अक्सर एलर्जी या संक्रमण होता है।

  2. क्रोनिक अर्टिकेरिया (Chronic Urticaria): यह छह हफ्तों से अधिक समय तक बना रहता है और इसका कारण अक्सर पता नहीं चलता।

  3. फिजिकल अर्टिकेरिया (Physical Urticaria): इसमें शारीरिक कारकों जैसे दबाव, ठंड, या गर्मी के कारण उभार होते हैं।

  4. डर्मोग्राफिज्म (Dermographism): इसमें त्वचा पर खरोंच लगाने के बाद लाल और खुजली वाले निशान बन जाते हैं।

किसे हो सकता है: अर्टिकेरिया किसी भी उम्र के लोगों को हो सकता है, लेकिन यह अधिकतर वयस्कों और युवाओं में पाया जाता है। एलर्जी प्रतिक्रियाओं के प्रति संवेदनशील लोग अधिक जोखिम में होते हैं।

अर्टिकेरिया के लक्षण:

  • खुजली: प्रभावित क्षेत्र में तीव्र खुजली।

  • लाल और सूजे हुए उभार: त्वचा पर लाल और फूला हुआ हिस्सा।

  • दर्द: कुछ मामलों में उभार दर्दनाक हो सकते हैं।

होम्योपैथिक उपचार:

  1. अपिस मेलिफिका (Apis Mellifica): तीव्र जलन और खुजली के लिए।

  2. अर्टिका यूरेन्स (Urtica Urens): खुजली और जलन के लिए।

  3. रुस टॉक्सिकोडेंड्रोन (Rhus Toxicodendron): त्वचा के लचीलेपन और जलन के लिए।

  4. सल्फर (Sulphur): लगातार खुजली और चपटे उभार के लिए।

घरेलू उपाय:

  1. ठंडा संपीड़न: प्रभावित क्षेत्र पर ठंडा पानी या बर्फ लगाने से आराम मिलता है।

  2. बेकिंग सोडा: बेकिंग सोडा का पेस्ट बनाकर लगाने से खुजली में आराम मिलता है।

  3. एलोवेरा जेल: एलोवेरा जेल लगाने से सूजन और जलन कम होती है।

  4. ओटमील बाथ: ओटमील पानी में मिलाकर स्नान करने से त्वचा को आराम मिलता है।

  5. नीम: नीम का तेल या पेस्ट लगाने से भी आराम मिलता है।

ध्यान दें कि अर्टिकेरिया के लक्षण दिखाई देने पर किसी योग्य चिकित्सक से परामर्श अवश्य करें ताकि सही निदान और उपचार हो सके।

@Dr. Rajneesh Jain

 

129000 +
Custumer Visit
40003 +
CURE CASE
180030 +
People Recommended
200067 +
Positive Feedbacks
Welcome to Dr.Rajneesh Jain
QR CODE