होम्योपैथी में कई उपाए उपलब्ध रहस्यमय गांठ और सूजन के-Dr.Rajneesh Jain

18-08-24
Dr Rajneesh Jain
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गाँठे और सूजन

त्वचा के नीचे अधिकांश गाँठे और सूजन हानिरहित होती है और उन्हें ऐसे ही छोड़ा जा सकता है। हालांकि, यदि आपके शरीर में कोई नई गाँठ अथवा सूजन उत्पन्न हो गई है तो कारण जानने के लिये अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

इस लेख मेंचेहरे की सूजन अथवा गाँठगर्दन अथवा गले में गाँठस्तन में गाँठपेट-जांघ जोड़ ( ग्रॉइन) का क्षेत्र के इर्द-गिर्द गाँठअंडकोष में गाँठ अथवा सूजनगुदा के नीचे गाँठ (नीचे)हाथ, कलाई अथवा उंगली पर गाँठकंधे, पीठ, छाती अथवा बाजू पर गाँठबग़ल (कांख या आर्मपिट) में गाँठएक पीड़ादायक गाँठ अथवा सूजन जो अचानक ही एक या दो दिनों में उत्पन्न हुई हो वह किसी चोट अथवा संक्रमण के कारण हो सकती हैं। यदि गाँठ के आस-पास की त्वचा लाल और गरम है तो यह एक संक्रमण हो सकता है। इसकी देखभाल करने के तरीके पर आपका डॉक्टर परामर्श दे सकता है।

त्वचा के नीचे उत्पन्न होने वाले रहस्यमय गांठ और सूजन के अति कॉमन कारण आगे दिए गए हैं, यह शरीर के निम्न क्षेत्रों को प्रभावित करते हैं:

चेहरागर्दन अथवा गलास्तनपेट-जांघ जोड़ का क्षेत्र ( ग्रॉइन)अंडकोषगुदा (नीचे)हाथ, कलाई अथवा उंगलीकंधे, पीठ, छाती अथवा बाजूबग़ल (कांख या आर्मपिट)यह जानकारी केवल शिक्षाप्रद है,इससे आप सिर्फ अंदाजा लगा सकते हैं कि आपकी गाँठ अथवा सूजन क्या हो सकती है। ऐसा होने पर भी,ध्यान रखें और कृप्या इसे स्वयं ही रोग-निदान करने हेतु प्रयोग न करें।रोग निदान सदैव अपने डॉक्टर से ही कराएं।

चेहरे की सूजन अथवा गाँठयदि चेहरे पर कोई गाँठ अथवा सूजन किसी चोट के कारण न हुई हो, तो यह संभवत: निम्न में से किसी एक प्रकार की हो सकती है :

गलसुआ (मम्प्स)– एक वायरल संक्रमण जो अक्सर बच्चों को प्रभावित करता है और चेहरे की बगल की गाँठों में सूजन करता हैएलेर्जिक प्रतिक्रिया – त्वचा की भीतरी सतहो में सूजन उत्पन्न कर सकती है (एंजिओडेमा) उदाहरणार्थ मूंगफली के दानों से एलर्जीदंत फोड़ा – इससे मुंह के बगल में सूजन उत्पन्न हो सकती हैलार ग्रंथि का पत्थर – यह लार के रसायनों के क्रिस्टल बनने से बनता है और जबड़े के निकट लार ग्रंथि से लार के बहाव को रोकता है जिससे जबड़े के इर्द-गिर्द दर्द और सूजन उत्पन्न होती हैं।इन हालातों के बारे में अधिक जानकारी के लिये ऊपर दिये लिंकों पर क्लिक करें।

गर्दन अथवा गले में गाँठगर्दन अथवा गले में कोई गाँठ संभवत: निम्न में से किसी प्रकार की हो सकती है :

सूजी ग्रंथियां– आम तौर पर संक्रमण का चिन्ह होता है, उदाहरणार्थ ठंड लगने से अथवा ग्रन्थीय ज्वर; आपके ठीक होने के पश्चात यह स्वत: ही गायब हो जाती हैं।पुटी (सिस्ट ) – एक हानिरहित द्रव से भरी गाँठ जो बिना उपचार के स्वत: ही गायब हो जाती है (दबाने पर यह त्वचा के नीचे एक मटर अथवा रोल जैसी महसूस होती है)।त्वचा टैग – हानिरहित, घुंघराले मस्से जैसा फोड़ा जो त्वचा से लटकता है और अकेला छोड़ा जा सकता हैगलगण्ड ( गोएटर) – थायराइड ग्लैंड की असामान्य सूजन जो कि गले में गांठ उत्पन्न कर सकती हैइन हालातों के बारे में अधिक जानकारी के लिये ऊपर दिये लिंकों पर क्लिक करें।

स्तन में गाँठस्तन गाँठे कॉमन होती हैं और उनके कई भिन्न कारण होते हैं। यद्यपि अधिकांश स्तन गाँठे स्तन कैंसर नहीं होती हैं, परन्तु स्तनों में किसी भी प्रकार के असाधारण बदलाव को यथासंभव शिघ्रातिशीघ्र किसी डॉक्टर द्वारा निरीक्षण किया जाना चाहिये।

स्तन गांठों के कॉमन कारणों में निम्न सम्मिलित हैं :

स्तन की सूजन (मैस्टाइटिस) – पीड़ादायक, सूजा हुआ स्तन मांस-तंतु जो कभी-कभी किसी प्रकार के संक्रमण से उत्पन्न होता हैबढ़ी हुई दूध नलिकाएंगैर-कैंसर बढ़ोतरी (फाइब्रोडिनोमा)पुटी (सिस्ट ) – द्रव से भरी हानिरहित गाँठलिपोमा – हानिरहित मोटी गाँठत्वचा टैग – हानिरहित, अक्सर स्तन के नीचे उत्पन्न होने वाला मस्से जैसा फोड़ास्तन गाँठों के बारे में और अधिक पढ़ें।

पेट-जांघ जोड़ ( ग्रॉइन) का क्षेत्र के इर्द-गिर्द गाँठपेट-जांघ जोड़ ( ग्रॉइन) का क्षेत्र में गाँठ अथवा गाँठों के कॉमन कारणों में निम्न सम्मिलित हैं :

पुटी(सिस्ट) – द्रव से भरी हानिरहित गाँठसूजी ग्रंथियां– आम तौर पर संक्रमण का चिन्ह होता है, उदाहरणार्थ ठंड लगने से अथवा ग्रन्थीय ज्वर; आपके ठीक होने के पश्चात यह स्वत: ही गायब हो जाती हैं।हर्निया – शरीर में मांसपेशियां अथवा आसपास के मांस तंतु में कमजोरी के कारण शरीर के आंतरिक अंग स्वयं को उन कमजोर मांसपेशियों से बाहर की तरफ धकेलते हैं जैसे अंतडी का कोई भागबड़ी हुई नाड़ी – यह सफ़ेना वैरिक्स के नाम से जाना जाता है जो कि नाड़ी के अंदर किसी वाल्व में खराबी के कारण उत्पन्न होती है (जब आप लेटते हैं तो अक्सर यह गायब हो जाती है)जननांगीय मस्से ( जेनिटल वार्ट्स) – छोटी, मासंल फोड़े जो यौन संचारित संक्रमण (STI) द्वारा उत्पन्न होते हैंइन हालातों के बारे में अधिक जानकारी के लिये ऊपर दिये लिंकों पर क्लिक करें।

अंडकोष में गाँठ अथवा सूजनअधिकांश अंडकोष गाँठे हानिरहित होती है और कैंसर नहीं करती है। 100 में से 4 (4%) से कम अंडकोष गाँठे अंडकोष कैंसर हो जाते हैं।

अंडकोषों में कोई गाँठ अथवा सूजन संभवत: निम्न में से एक हो सकती है :

अंडकोष की थैली (स्क्रोटम ) के भीतर सूजी अथवा बढ़ी हुई नाड़ियाँ (वैरिकोसेल्स)अंडकोष के इर्द-गिर्द एकत्रित द्रव से उत्पन्न सूजन (हाईड्रोसेल)एपिडिडिमिस (अंडकोषों के पीछे लम्बी, घुमावदार ट्यूब) में पुटी (सिस्ट )अंडकोकोषिय गाँठो और सूजन ] [के बारे में और अधिक पढ़ें।

गुदा के नीचे गाँठ (नीचे)आम तौर पर गुदा की सूजन अथवा गाँठे निम्न में से एक प्रकार की होती हैं :

बवासीर (पाइल) – सूजी रक्त नाड़ी जो गुदा के बाहर लटक सकती हैत्वचा टैग – हानिरहित फोड़ा जो त्वचा के बाहर लटकता है और मस्से जैसा दिखता हैफोड़ा – पस का पीड़ादायक एकत्रीकरणगुदा संबंधी बढ़ाव (रेक्टल प्रोलेप्स) – जहां गुदा का कोई भाग (अंतड़ी का अंत) गुदा से बाहर निकलता हैजननांगीय मस्से ( जेनिटल वार्ट्स) – छोटे, मांसल बढ़ाव जो यौन संचारित संक्रमण (STI) द्वारा उत्पन्न होता हैहाथ, कलाई अथवा उंगली पर गाँठहाथ, कलाई अथवा उंगली पर गाँठ संभवत: एक नाड़ीग्रन्थि पुटी ( गैंगलियोन सिस्ट) है। यह उस प्रकार की पुटी है जो जोड़ों अथवा पुट्ठों के इर्द-गिर्द बनती है।

आम तौर पर नाड़ीग्रन्थि पुटी कलाई के पीछे दिखलाई पड़ती है। यह एक मोटे जैली-समान द्रव की बनी होती है और त्वचा के नीचे समतल, नाजुक गाँठ जैसी महसूस होती है।

यह स्पष्ट नहीं है कि नाड़ीग्रन्थियां क्यों बनती हैं, परन्तु वे उम्र वृद्धि अथवा जोड़ों या पुट्ठों पर चोट से संबन्धित हो सकती हैं।

यदि नाड़ीग्रन्थि कोई दर्द अथवा असुविधा नहीं पहुंचाती है, तो इसे छोड़ा जा सकता है और यह बिना उपचार के गायब हो सकती है। अन्यथा, आपको इसे हटवाना होगा।

कभी-कभी, मस्से ( वार्ट्स) के नाम से जाने जानी वाली छोटी असमतल गाँठे हाथों पर बन जाती हैं। मस्से (वार्ट्स) किसी ह्यूमन पापिलोमा वायरस (HPV) के संक्रमण से होते हैं और अत्यंत संक्रामक

होते हैं। ऐसा होने पर भी, आम तौर से वे हानिरहित होते हैं और बिना उपचार के ही गायब हो जाते हैं।

कंधे, पीठ, छाती अथवा बाजू पर गाँठकंधे, पीठ, छाती अथवा बाजू पर गाँठ संभवत: कोई लिपोमा अथवा पुटी (सिस्ट)हो सकती है।

लिपोमा एक नरम ,वसायुक्त (फैटी ) गाँठ होती है जो त्वचा के नीचे बढ़ती है। यह काफी कॉमन व हानिरहित होती है और यह ऐसे ही छोड़ी जा सकती है। जब आप किसी लिपोमा को दबाते हैं तो छूने पर यह कोमल और मुलायम महसूस होती है। इनका आकार एक मटर के दाने से लेके कुछ सेंटीमीटर तक हो सकता है।

पुटी (सिस्ट) त्वचा के नीचे एक थैली की प्रकार की होती है जिसमें द्रव, आम तौर पर पस, भरा होता है। कुछ हद तक यह एक लिपोमा की तरह दिख सकती है परन्तु त्वचा की सतह के निकट होती है (लिपोमा त्वचा के काफी भीतर होते हैं)। छूने में पुटियां सख्त होती हैं। पुटी बिना उपचार के ठीक हो सकती है या आपको इसे खाली करवाना पड़ सकता है।

बग़ल (कांख या आर्मपिट) में गाँठयदि आप अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं और संक्रमण के अन्य चिन्ह भी मौजूद हैं तो बग़ल ( कांख)में गाँठ संभवत: एक सूजी हुई लसिका ग्रंथि (लिंफ नोड) हो सकती है। किसी संक्रमण अथवा बीमारी के कारण बगल की ग्रंथियां कुछ सेंटीमीटर से ज्यादा बड़ी हो सकती हैं। ठीक होने पर आम तौर पर ये सूजी गांठें मिट जाती हैं।

बगल में गाँठ, एक लिंफोमा (लिम्फ ग्रंथियों का कैंसर) हो सकता है, परंतु यह बहुत कम पाया जाता है । यदि यह गाँठ स्वयं दूर नहीं होती है तो आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

आपकी बगल में एक छोटी गाँठ जो मस्से की तरह त्वचा से लटक रही हो, संभवत: एक त्वचा टैग हो सकता है। त्वचा टैग वहां उत्पन्न होते हैं जहां त्वचा, त्वचा से अथवा कपड़ों से रगड़ खाती है; इसलिये अक्सर यह बाजू के नीचे दिखाई देती है। वे अत्यंत कॉमन और हानिरहित होती है और ऐसे ही छोड़ी जा सकती हैं।

होम्योपैथी में कई उपाए उपलब्ध

जब ऊतकों में तरल जमा होने लगता है, तो सूजन की समस्या होती है। इस स्थिति में प्रभावित अंग सामान्य से बड़ा दिखने लगता है और यह अंग इतना संवेदनशील हो जाता है कि हल्के से छूने पर दर्द या लालिमा की समस्या हो सकती है। सूजन पूरे शरीर को प्रभावित करती है तो इस स्थिति को ‘जर्नलाइज्ड स्वेलिंग’ कहते हैं, वहीं जब सूजन शरीर के एक हिस्से को प्रभावित करती है तो इस स्थिति को ‘लोकलाइज्ड स्वेलिंग’ कहते हैं। सूजन के लिए होम्योपैथी में कई उपाए उपलब्ध हैं, जिनमें से कुछ हैं:

  • टेरेबिनथिनिया ओलियम (Terbinthina oleum): किडनी में सूजन, श्लेष्मा झिल्ली (आंत और नाक जैसे कुछ अंगों की अंदरूनी परत) और एडिमा के उपचार के लिए एक प्रभावी उपाय है। इस दवा के उपयोग से निम्नलिखित लक्षणों को ठीक किया जा सकता है: पेट का बढ़ना और एडिमा किडनी वाले हिस्से में जलन वाला दर्द (शरीर के किनारे पसलियों के नीचे) मुंहासे, त्वचा की खुजली और सूजन.
  • अब्रोटानम 200 (Abrotanum 200): कंधे, हाथ, कलाई, टखने का गठिया, प्रभावित क्षेत्र की सूजन से पहले दर्द के लिए उपयोग किया जाता है.

एक योग्य होम्योपैथिक डॉक्टर मरीज में बीमारी के लक्षण और प्रवृत्ति के आधार पर इलाज करते हैं।

@Dr.Rajneesh Jain

 

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